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🪔 माँ महालक्ष्मी | धन-समृद्धि आरती

माँ लक्ष्मी जी की आरती

Maa Lakshmi Aarti • 4 पावन पद

"ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता"

धन, ऐश्वर्य, सौभाग्य एवं सुख-शांति की अधिष्ठात्री देवी माँ महालक्ष्मी जी की मंगलकारी आरती।

2 दर्शन | 4 पद
1 टेक / ध्रुवपद

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥

Ōṁ Jaya Lakṣhmī Mātā, Maiyā Jaya Lakṣhmī Mātā. Tumakō nisadina sēvata, Hara Viṣhṇu Vidhātā.. Ōṁ Jaya Lakṣhmī Mātā..

सरल हिंदी भावार्थ:

हे माँ महालक्ष्मी, आपकी जय हो! भगवान शिव, श्री हरि विष्णु और विधाता ब्रह्मा जी नित्य आपकी सेवा और वंदना करते हैं।

English Meaning:

Hail Mother Lakshmi, worshipped unceasingly by Shiva, Vishnu, and Brahma.

2 पद १ (स्वरूप व वैभव)

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ दुर्गा रूप निरञ्जनी, सुख सम्पति दाता। जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥

Umā, Ramā, Brahmāṇī, tuma hī jaga-mātā. Sūrya-chandramā dhyāvata, Nārada r̥ṣhi gātā.. Ōṁ Jaya Lakṣhmī Mātā..

सरल हिंदी भावार्थ:

आप ही उमा, रमा और ब्रह्माणी रूप में संपूर्ण जगत की माता हैं। सूर्य-चन्द्र आपका ध्यान धरते हैं और देवर्षि नारद आपका यश गाते हैं।

English Meaning:

You are the supreme Mother as Uma, Rama, and Brahmani; revered by celestial luminaries and sage Narada.

3 पद २ (कृपा व ऐश्वर्य)

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता। सब सम्भव हो जाता, मन नहिं घबराता॥ तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता। खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥ शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता। रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहिं पाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥

Jisa ghara mēṁ tuma rahatīṁ, saba sadguṇa ātā. Saba sambhava hō jātā, mana nahiṁ ghabarātā.. Ōṁ Jaya Lakṣhmī Mātā..

सरल हिंदी भावार्थ:

जिस घर में आपका वास होता है, वहाँ समस्त सद्गुण और सफलता का संचार होता है। आपके बिना कोई यज्ञ, अन्न-वस्त्र अथवा ऐश्वर्य संभव नहीं है।

English Meaning:

In whose home You reside, virtues and fearlessness dwell; all sacrificial offerings and earthly bounty originate from You.

4 पद ३ (फलश्रुति)

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गावै। उर आनन्द समावै, पाप उतर जावै॥ ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥

Mahālakṣhmījī kī āratī, jō kōī nara gāvai. Ura ānanda samāvai, pāpa utara jāvai.. Ōṁ Jaya Lakṣhmī Mātā..

सरल हिंदी भावार्थ:

जो भी नर-नारी माँ महालक्ष्मी की यह आरती गाते हैं, उनके हृदय में परमानंद का वास होता है और समस्त पापों का क्षय हो जाता है।

English Meaning:

Whoever recites this Aarti of Mahalakshmi experiences supreme inner joy and is purged of all sins.

आरती विधि एवं नियम

दीपावली, शुक्रवार अथवा नित्य संध्याकाल में घी के दीपक और सुगंधित धूप से आरती करें।

आरती के लाभ एवं फल

दरिद्रता का नाश, धन-वैभव, व्यापार वृद्धि, परिवार में सुख-शांति एवं अष्टलक्ष्मी की कृपा।