क्या ऋग्वेद में इन्द्र के गौमांस खाने का उल्लेख है?
ऋग्वेद में स्वयं इन्द्र कहते हैं कि वे बैलों (उक्षन्) का मांस खाते हैं। इसलिए यह दावा किया जाता है कि वैदिक धर्म में गौमांस-भक्षण स्वीकार्य था।
यह निष्कर्ष सर्वमान्य नहीं है। विवादित मंत्र की व्याख्या पर प्राचीन भाष्यकारों और आधुनिक विद्वानों में मतभेद है। जहाँ कुछ अनुवाद इसे वास्तविक पशु-भक्षण मानते हैं, वहीं अन्य परंपरागत व्याख्याएँ इसे प्रतीकात्मक, दार्शनिक या वैदिक संदर्भ में समझती हैं। इसलिए केवल एक अंग्रेज़ी अनुवाद के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना कि "ऋग्वेद स्पष्ट रूप से इन्द्र के गौमांस-भक्षण का समर्थन करता है", अकादमिक रूप से उचित नहीं है।