मनुस्मृति पर किए गए दावों का खंडन
मनुस्मृति स्त्रियों को स्वभाव से पुरुषों को भ्रष्ट करने वाली बताती है और उन्हें स्वतंत्रता के योग्य नहीं मानती
इन श्लोकों को उनके संदर्भ से अलग करके प्रस्तुत किया गया है; भाष्य में इन्हें विशेषतः ब्रह्मचर्य/विद्यार्थी अवस्था में पुरुषों के आत्मसंयम और सुरक्षा के संदर्भ में समझाया गया है।