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Chapter 9, Verse 1
राजविद्याराजगुह्ययोग - परम गुह्य ज्ञान
श्रीभगवानुवाच | इदं तु ते गुह्यतमं प्रवक्ष्याम्यनसूयवे | ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात् ||९-१||
śrībhagavānuvāca . idaṃ tu te guhyatamaṃ pravakṣyāmyanasūyave . jñānaṃ vijñānasahitaṃ yajjñātvā mokṣyase.aśubhāt ||9-1||
T Translation
।।9.1।। श्रीभगवान् ने कहा -- तुम अनसूयु (दोष दृष्टि रहित) के लिए मैं इस गुह्यतम ज्ञान को विज्ञान के सहित कहूँगा, जिसको जानकर तुम अशुभ (संसार बंधन) से मुक्त हो जाओगे।।