शौर्य, स्वाभिमान और धर्मरक्षक: महापराक्रमी महाराणा प्रताप
महाराणा प्रताप जी ने किसी विधर्मी के सामने शीश नहीं झुकाया। वो जानते थे कि मुग़ल आक्रान्ता अकबर के सामने झुकने का अर्थ केवल राजनीतिक पराजय नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म का पतन था।
महाराणा प्रताप जी ने किसी विधर्मी के सामने शीश नहीं झुकाया। वो जानते थे कि मुग़ल आक्रान्ता अकबर के सामने झुकने का अर्थ केवल राजनीतिक पराजय नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म का पतन था।
हमारा - आपका काम है हर रोज़ जाकर अपनी चाबी लगाना... मतलब अपना काम करना। क्या पता ऊपर बैठा 'बड़ा बाबू' किस दिन हमारे वाले लाकर की अपनी 'किस्मत' वाली चाबी लाकर में लगा दे और हमारा भाग्य चमक जाए...?
कभी-कभी कुछ पंक्तियाँ केवल कविता नहीं होतीं, बल्कि जीवन जीने की दिशा बन जाती हैं। तुम तिलक हमारे माथे का ऐसी ही एक प्रेरणादायक रचना है, जो मनुष्य को उ...