मांडूक्य उपनिषद् में वर्णित 'तुरीय' अवस्था क्या है और यह जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति से कैसे भिन्न है?
प्रणाम सभी को, मांडूक्य उपनिषद् में चेतना की चार अवस्थाओं का वर्णन मिलता है— १. वैश्वानर (जाग्रत अवस्था - Waking) २. तैजस (स्वप्न अवस्था - Dreaming)...