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माँ गंगा (पतित पावनी) बीज मंत्र: ॐ गं गङ्गायै नमः॥

माँ गंगा मंत्र संग्रह

Maa Ganga Mantra Sangrah • वैदिक एवं पौराणिक सिद्ध मंत्र

भगवान शिव की जटाओं से अवतरित और समस्त पापों का प्रक्षालन करने वाली मोक्षदायिनी माँ गंगा के सिद्ध मंत्र। स्नान अथवा जल अर्पण के समय इनका स्मरण पापनाशक है।

📿 जप विधि व नियम: नित्य स्नान के समय अथवा गंगाजल का आचमन करते समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके श्रद्धापूर्वक जप करें।
✨ मंत्र फल व लाभ: कायिक, वाचिक एवं मानसिक पापों से मुक्ति, मन की निर्मलता, शांति और गंगा स्नान के समान अक्षय पुण्य की प्राप्ति।
3 सिद्ध मंत्र
108 जप संख्या
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समस्त 3 सिद्ध मंत्र श्लोक
#1 गंगा गायत्री मंत्र (Ganga Gayatri Mantra)

ॐ भागीरथ्यै च विद्महे विष्णुपद्यै च धीमहि। तन्नो गङ्गा प्रचोदयात्॥

Om Bhagirathyai Cha Vidmahe Vishnupadyai Cha Dhimahi। Tanno Ganga Prachodayat॥

भावार्थ (Meaning): हम भगीरथ द्वारा लाई गई भागीरथी को जानते हैं और श्री विष्णु के चरणों से निकली गंगा का ध्यान करते हैं। वे देवी गंगा हमें पवित्रता और सद्बुद्धि प्रदान करें।
English: We meditate upon Bhagirathi, originating from Vishnu's lotus feet. May Holy Mother Ganga purify and enlighten our mind.
📿 अनुशंसित जप: 108 बार प्रामाणिक वैदिक पाठ
#2 गंगा स्नान एवं स्मरण श्लोक (Ganga Snana Shloka)

गङ्गे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरि जलेऽस्मिन् संनिधिं कुरु॥

Gange Cha Yamune Chaiva Godavari Saraswati। Narmade Sindhu Kaveri Jale'smin Sannidhim Kuru॥

भावार्थ (Meaning): हे गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिंधु और कावेरी! आप सभी पवित्र नदियां कृपा करके मेरे इस स्नान के जल में उपस्थित हों।
English: O Holy Rivers Ganga, Yamuna, Godavari, Saraswati, Narmada, Sindhu, and Kaveri! Please sanctify this water with your sacred presence.
📿 अनुशंसित जप: 21 बार प्रामाणिक वैदिक पाठ
#3 गंगा स्तुति मंत्र (Namami Gange Mantra)

नमामि गङ्गे तव पादपङ्कजं सुरारिवन्द्यैः सुखदैः कृपालुभिः। अशेषपापौघविनाशकारिणि प्रसीद मातर्भवबन्धमुक्ते॥

Namami Gange Tava Padapankajam Surarivandyaih Sukhakaih Kripalubhih। Asheshapapaughavinashakarini Prasida Matarbhavabandhamukte॥

भावार्थ (Meaning): हे माँ गंगे! मैं आपके चरण कमलों में प्रणाम करता हूँ, जो देवताओं और ऋषियों द्वारा वंदनीय हैं, समस्त पापों के समूह को नष्ट करने वाले हैं और भवबंधन से मुक्ति देने वाले हैं।
English: I bow to the lotus feet of Mother Ganga, revered by gods and sages, which destroy all multitudes of sins and liberate from the bondage of worldly rebirth.
📿 अनुशंसित जप: 21 बार प्रामाणिक वैदिक पाठ