माँ गंगा मंत्र संग्रह
Maa Ganga Mantra Sangrah • वैदिक एवं पौराणिक सिद्ध मंत्र
भगवान शिव की जटाओं से अवतरित और समस्त पापों का प्रक्षालन करने वाली मोक्षदायिनी माँ गंगा के सिद्ध मंत्र। स्नान अथवा जल अर्पण के समय इनका स्मरण पापनाशक है।
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शुद्ध उच्चारण, जप विधि, बीज मन्त्र रहस्य व आध्यात्मिक फल
मंत्र साधना एवं दैनिक जप
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ॐ भागीरथ्यै च विद्महे विष्णुपद्यै च धीमहि। तन्नो गङ्गा प्रचोदयात्॥
Om Bhagirathyai Cha Vidmahe Vishnupadyai Cha Dhimahi। Tanno Ganga Prachodayat॥
गङ्गे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरि जलेऽस्मिन् संनिधिं कुरु॥
Gange Cha Yamune Chaiva Godavari Saraswati। Narmade Sindhu Kaveri Jale'smin Sannidhim Kuru॥
नमामि गङ्गे तव पादपङ्कजं सुरारिवन्द्यैः सुखदैः कृपालुभिः। अशेषपापौघविनाशकारिणि प्रसीद मातर्भवबन्धमुक्ते॥
Namami Gange Tava Padapankajam Surarivandyaih Sukhakaih Kripalubhih। Asheshapapaughavinashakarini Prasida Matarbhavabandhamukte॥