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माँ संतोषी बीज मंत्र: ॐ श्रीं संतोषी महामाया गजानंददायिनी शुक्रवारप्रियायै नमः॥

माँ संतोषी माता मंत्र संग्रह

Maa Santoshi Mata Mantra Sangrah • वैदिक एवं पौराणिक सिद्ध मंत्र

गणपति पुत्री, सकल मनोरथ पूर्ण करने वाली और जीवन में संतोष व शांति प्रदान करने वाली माँ संतोषी के सिद्ध मंत्र। शुक्रवार व्रत के समय इनका जप अत्यंत फलदायी है।

📿 जप विधि व नियम: शुक्रवार को गुड़-चने का भोग लगाकर, लाल आसन पर बैठकर 108 बार जप करें। खटाई का सेवन न करें।
✨ मंत्र फल व लाभ: मानसिक असंतोष व चिंताओं का निवारण, पारिवारिक सुख-शांति, गृह-क्लेश मुक्ति और मनोकामना सिद्धि।
2 सिद्ध मंत्र
108 जप संख्या
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समस्त 2 सिद्ध मंत्र श्लोक
#1 संतोषी माता मूल मंत्र (Santoshi Mata Mool Mantra)

ॐ श्री संतोषी महामाया गजानंददायिनी शुक्रवारप्रियायै नमः॥

Om Shree Santoshi Mahamaya Gajanandadayini Shukravarapriyayai Namaha॥

भावार्थ (Meaning): महामाया, भगवान गणेश को आनंद देने वाली और शुक्रवार के व्रत से प्रसन्न होने वाली माँ संतोषी को मेरा नमस्कार है।
English: Salutations to Mother Santoshi, the divine enchantress, who gladdens Lord Ganesha and is fond of Friday vows.
📿 अनुशंसित जप: 108 बार प्रामाणिक वैदिक पाठ
#2 संतोषी माता ध्यान मंत्र (Santoshi Mata Dhyana Mantra)

वन्दे सन्तोषी देवीं सर्वदुःखविनाशिनीम्। भक्तानां वरदां नित्यं शान्तिसन्तोषदायिनीम्॥

Vande Santosheem Deveem Sarvadukhavinashineem। Bhaktanam Varadam Nityam Shantisantoshadayineem॥

भावार्थ (Meaning): समस्त दुःखों का नाश करने वाली, भक्तों को वरदान देने वाली तथा नित्य शांति और संतोष प्रदान करने वाली माँ संतोषी देवी की मैं वंदना करता हूँ।
English: I worship Goddess Santoshi, the destroyer of all grief, bestower of boons upon devotees, and eternal giver of peace and contentment.
📿 अनुशंसित जप: 21 बार प्रामाणिक वैदिक पाठ