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भगवान सूर्यदेव (प्रत्यक्ष देव) बीज मंत्र: ॐ घृणिः सूर्याय नमः॥

भगवान सूर्य मंत्र संग्रह

Lord Surya Mantra Sangrah • वैदिक एवं पौराणिक सिद्ध मंत्र

प्रत्यक्ष देवता, अंधकार नाशक एवं समस्त जगत के प्राणदाता भगवान सूर्यदेव के सिद्ध मंत्र। इनके जप और अर्घ्य से ओज, तेज, निरोगी काया और राजसम्मान की प्राप्ति होती है।

📿 जप विधि व नियम: प्रातः काल सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से अर्घ्य देकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके 108 बार जप करें।
✨ मंत्र फल व लाभ: नेत्र ज्योति में वृद्धि, हृदय रोग एवं चर्म रोग निवारण, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता, सरकारी कार्यों में सफलता और असीम आत्मबल।
4 सिद्ध मंत्र
108 जप संख्या
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समस्त 4 सिद्ध मंत्र श्लोक
#1 सूर्य मूल मंत्र (Surya Mool Mantra)

ॐ घृणिः सूर्याय नमः॥

Om Ghrinih Suryaya Namaha॥

भावार्थ (Meaning): दिव्य प्रकाश और तेज के पुंज भगवान सूर्यदेव को मेरा बारंबार नमन है।
English: Salutations to Lord Surya, the supreme source of divine illumination and cosmic energy.
📿 अनुशंसित जप: 108 बार प्रामाणिक वैदिक पाठ
#2 सूर्य अर्घ्य मंत्र (Surya Arghya Mantra)

एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते। अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर॥

Ehi Surya Sahasramsho Tejorashe Jagatpate। Anukampaya Mam Bhaktya Grihanarghyam Divakara॥

भावार्थ (Meaning): हे सहस्र किरणों वाले, हे तेज के पुंज, हे जगत के स्वामी दिवाकर! मुझ पर कृपा कीजिए और मेरी भक्तिपूर्वक दी गई यह जल की अर्घ्य स्वीकार कीजिए।
English: Come, O thousand-rayed Sun, ocean of brilliance, Lord of the universe! Have compassion on me and accept this offering with devotion.
📿 अनुशंसित जप: 21 बार प्रामाणिक वैदिक पाठ
#3 सूर्य गायत्री मंत्र (Surya Gayatri Mantra)

ॐ भास्कराय विद्महे दिवाकराय धीमहि। तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्॥

Om Bhaskaraya Vidmahe Divakaraya Dhimahi। Tanno Suryah Prachodayat॥

भावार्थ (Meaning): हम प्रकाश उत्पन्न करने वाले भास्कर को जानते हैं और दिन को प्रकाशित करने वाले दिवाकर का ध्यान करते हैं। वे सूर्यदेव हमें तेज और सद्बुद्धि प्रदान करें।
English: We meditate upon Bhaskara the creator of light and contemplate upon Divakara. May Lord Surya inspire and illuminate our intellect.
📿 अनुशंसित जप: 108 बार प्रामाणिक वैदिक पाठ
#4 सूर्य बीज मंत्र (Surya Beej Mantra)

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः॥

Om Hraam Hreem Hroum Sah Suryaya Namaha॥

भावार्थ (Meaning): समस्त ब्रह्मांड के अधिपति और ऊर्जा के स्रोत भगवान सूर्यदेव को नमस्कार है।
English: Salutations to Lord Surya, the celestial sovereign and sustainer of the cosmos.
📿 अनुशंसित जप: 108 बार प्रामाणिक वैदिक पाठ