श्री नवग्रह देवों की आरती
Navagraha Aarti • 1 पावन पद
"ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी, भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च"
सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु एवं केतु समस्त नवग्रहों की शांति प्रदायिनी वैदिक आरती।
ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी, भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च। गुरुश्च शुक्रः शनि राहु केतवः, कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्॥ जय नवग्रह देवा, प्रभु जय नवग्रह देवा। सूर्य चन्द्र भौमादि, सब करें तुम्हारी सेवा॥ ग्रह दोष सब टारो, शुभ फल बरसाओ। आरती जो कोई गावे, सुख-सम्पति पाओ॥
Brahmā Murārī Tripurāntakārī, Bhānuḥ Shashī Bhūmisutō Budhashcha. Gurushcha Shukraḥ Shani Rāhu Kētavaḥ, kurvantu sarvē mama suprabhātam.. Jaya Navagraha Dēvā..
सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु सभी नवग्रह देव हमारी रक्षा करें और हमारे समस्त ग्रह दोषों को शांत करें।
May the nine cosmic guardians—Sun, Moon, Mars, Mercury, Jupiter, Venus, Saturn, Rahu, and Ketu—bless us with peace.
शनिवार अथवा नवग्रह शांति हवन के उपरांत नवग्रह यंत्र के सम्मुख आरती करें।
कुंडली के समस्त ग्रह दोषों की शांति, भाग्य वृद्धि, कार्यों में आ रही अदृश्य रुकावटों का निवारण।
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