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🪔 वृंदा स्वरूपा माँ तुलसी | पवित्र पादप आरती

माँ तुलसी जी की आरती

Maa Tulsi Aarti • 1 पावन पद

"जय जय तुलसी माता, सब जग की सुखदाता"

विष्णुप्रिया, वृंदा स्वरूपा, समस्त पाप-ताप नाशिनी माँ तुलसी जी की नित्य मंगलकारी आरती।

1 दर्शन | 1 पद
1 टेक व पद

जय जय तुलसी माता, सब जग की सुखदाता, वरदानी। सब योगों से ऊपर, सब रोगों से ऊपर, निरखत गुण ज्ञानी॥ बटु पुत्रि हे श्यामा, सुर मुनि जन धामा, जय जय सुखकारी। नमो नमो हे हरिप्रिया, तुलसी महारानी॥ धूप दीप नैवेद्य, आरती जो कोई नर गावै। भक्ति मुक्ति फल पावै, श्री हरि पद पावै॥

Jaya Jaya Tulasī Mātā, saba jaga kī sukhadātā, varadānī.. Saba yōgōṁ sē ūpara, saba rōgōṁ sē ūpara, nirakhata guṇa jñānī.. Namō namō hē Haripriyā, Tulasī Mahārānī.. Bhakti mukti phala pāvai, Shrī Hari pada pāvai..

सरल हिंदी भावार्थ:

समस्त संसार को सुख देने वाली, भगवान विष्णु की प्रिया माँ तुलसी की जो भक्त आरती गाते हैं, वे भक्ति और मुक्ति प्राप्त करते हैं।

English Meaning:

Hail Mother Tulsi, beloved of Vishnu and healer of all ailments, granting supreme devotion and liberation.

आरती विधि एवं नियम

नित्य सायंकाल तुलसी के पौधे के समीप घी का दीपक प्रज्वलित कर परिक्रमा सहित आरती करें।

आरती के लाभ एवं फल

घर में सकारात्मक ऊर्जा, वास्तु दोष निवारण, स्वास्थ्य लाभ, वैवाहिक सुख एवं मोक्ष की प्राप्ति।