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अथर्ववेद

Kanda 13 • Sukta 1

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 13

Kanda 13 • Sukta 1

30 Mantras Loaded
Mantra 13.1.1

उ॒देहि॑ वाजि॒न्यो अ॒प्स्वन्तरि॒दं रा॒ष्ट्रं प्र वि॑श सू॒नृता॑वत् । यो रोहि॑तो॒ विश्व॑मि॒दं ज॒जान॒ स त्वा॑ रा॒ष्ट्राय॒ सुभृ॑तं बिभर्तु ॥ (१)

हि हिन्दी अनुवाद

हे सूर्य! तुम अंतरिक्ष में क्यों छिपे हो, तुम उदय प्राप्त करो. तुम सत्य और प्रिय वाणी से युक्त हो कर यहां आओ. इस प्रकार के सूर्य देव ने संसार का प्रकाशन किया. सूर्य देव तुम्हें राष्ट्र के भरणकर्ता के रूप में पुष्ट करे. (१)

EN English Translation

O sun! Why are you hiding in space, you get rise. Come here with truth and love speech. This kind of Sun God illuminated the world. May the Sun God strengthen you as the destroyer of the nation. (1)

Mantra 13.1.2

उद्वाज॒ आ ग॒न्यो अ॒प्स्वन्तर्विश॒ आ रो॑ह॒ त्वद्यो॑नयो॒ याः । सोमं॒ दधा॑नो॒ऽप ओष॑धी॒र्गाश्चतु॑ष्पदो द्वि॒पद॒ आ वे॑शये॒ह ॥ (२)

हि हिन्दी अनुवाद

हे सूर्य! जल में रहने वाली जो प्रजाएं तथा जलप्रद अन्न हैं, वे तुम्हारे पास आएं. तुम जल पर चढ़ो और सोम को धारण करते हुए जल, ओषधि तथा दो पैरों वाले मनुष्यों और चार पैरों वाले पशुओं को इस राष्ट्र में प्रविष्ट करो. (२)

EN English Translation

O sun! Let the people who live in water and the water-rich food come to you. You climb on the water and enter this nation with water, medicines and two-legged humans and four-legged animals, wearing Soma. (2)

Mantra 13.1.3

यू॒यमु॒ग्रा म॑रुतः पृश्निमातर॒ इन्द्रे॑ण यु॒जा प्र मृ॑णीत॒ शत्रू॑न् । आ वो॒ रोहि॑तः शृणवत्सुदानवस्त्रिष॒प्तासो॑ मरुतः स्वादुसंमुदः ॥ (३)

हि हिन्दी अनुवाद

हे मरुद्गण! तुम इंद्र के सखा हो. तुम शत्रुओं का नाश करो. तुम स्वादिष्ट पदार्थो से प्रसन्न होने वाले हो और सुंदर वर्षा प्रदान करते हो. सूर्य तुम्हारी बात सुनें. (३)

EN English Translation

O Desertion! You are Indra's friend. Destroy your enemies. You are going to be happy with delicious foods and provide beautiful rain. Sun listen to you. (3)

Mantra 13.1.4

रुहो॑ रुरोह॒ रोहि॑त॒ आ रु॑रोह॒ गर्भो॒ जनी॑नां ज॒नुषा॑मु॒पस्थ॑म् । ताभिः॒ संर॑ब्ध॒मन्व॑विन्द॒न्षडु॒र्वीर्गा॒तुं प्र॒पश्य॑न्नि॒ह रा॒ष्ट्रमाहाः॑ ॥ (४)

हि हिन्दी अनुवाद

सूर्य उदय होते हुए आकाश पर चढ़ रहे हैं. छह उर्वियों की प्राप्ति के हेतु वे राष्ट्र को नित्यप्रति देखते हुए उर्वियों को प्राप्त करते हैं. (४)

EN English Translation

The sun is rising and climbing the sky. To attain the six urvis, they get the urvis while looking at the nation every day. (4)

Mantra 13.1.5

आ ते॑ रा॒ष्ट्रमि॒ह रोहि॑तोऽहार्षी॒द्व्यास्थ॒न्मृधो॒ अभ॑यं ते अभूत् । तस्मै॑ ते द्यावापृथि॒वी रे॒वती॑भिः॒ कामं॑ दुहाथामि॒ह शक्व॑रीभिः ॥ (५)

हि हिन्दी अनुवाद

हे यजमान! तेरे राष्ट्र पर सूर्य आ गए हैं, इसलिए तू युद्ध का भय मत कर. आकाश, पृथ्वी और धन देने वाली ऋचाएं तेरे लिए कामनाओं का दोहन करें. (५)

EN English Translation

O host! The sun has come upon your nation, so do not be afraid of war. Let the sky, earth and wealth-giving riches exploit the wishes for you. (5)

Mantra 13.1.6

रोहि॑तो॒ द्यावा॑पृथि॒वी ज॑जान॒ तत्र॒ तन्तुं॑ परमे॒ष्ठी त॑तान । तत्र॑ शिश्रिये॒ऽज एक॑पा॒दोऽदृं॑ह॒द्द्यावा॑पृथि॒वी बले॑न ॥ (६)

हि हिन्दी अनुवाद

सूर्य ने आकाश और पृथ्वी को प्रकट किया. सूर्य ने उस में तंतु को बढ़ाया. एक पाद अज ने वहां आश्रय ले कर आकाश और पृथ्वी को बल से युक्त किया. (६)

EN English Translation

The sun revealed the sky and the earth. The sun extended the fibers in it. One foot aj took shelter there and made the sky and the earth with force. (6)

Mantra 13.1.7

रोहि॑तो॒ द्यावा॑पृथि॒वी अ॑दृंह॒त्तेन॒ स्व स्तभि॒तं तेन॒ नाकः॑ । तेना॒न्तरि॑क्षं॒ विमि॑ता॒ रजां॑सि॒ तेन॑ दे॒वा अ॒मृत॒मन्व॑विन्दन् ॥ (७)

हि हिन्दी अनुवाद

सूर्य ने आकाश और पृथ्वी को दृढ़ किया. उसी सूर्य ने दुःखों से रहित आकाश को स्थिर किया. उसी सूर्य ने अंतरिक्ष तथा वन्य सुख लोकों को बनाया. देवताओं ने उसी से अमृतत्व प्राप्त किया है. (७)

EN English Translation

The sun strengthened the heavens and the earth. The same sun stabilized the sky without sorrows. The same sun created space and wild pleasures. The gods have attained nectar from him. (7)

Mantra 13.1.8

वि रोहि॑तो अमृशद्वि॒श्वरू॑पं समाकुर्वा॒णः प्र॒रुहो॒ रुह॑श्च । दिवं॑ रू॒ढ्वा म॑ह॒ता म॑हि॒म्ना सं ते॑ रा॒ष्ट्रम॑नक्तु॒ पय॑सा घृ॒तेन॑ ॥ (८)

हि हिन्दी अनुवाद

रूह और प्ररूह अर्थात्‌ उगने वाले लता वृक्ष आदि को भलीभांति प्रकट करने वाले सूर्य ने सब शरीरों का स्पर्श किया. हे यजमान! वे सूर्य अपने महत्त्व से तेरे राष्ट्र को घृत और दूध से संपन्न करें. (८)

EN English Translation

The sun, which expressed the soul and praruh i.e. the creeper tree that grows, etc., touched all the bodies. O host! May those suns, by their importance, fill your nation with ghee and milk. (8)

Mantra 13.1.9

यास्ते॒ रुहः॑ प्र॒रुहो॒ यास्त॑ आ॒रुहो॒ याभि॑रापृ॒णासि॒ दिव॑म॒न्तरि॑क्षम् । तासां॒ ब्रह्म॑णा॒ पय॑सा वावृधा॒नो वि॒शि रा॒ष्ट्रे जा॑गृहि॒ रोहि॑तस्य ॥ (९)

हि हिन्दी अनुवाद

हे मनुष्यो! तुम्हारी जो रोहण, प्ररोहण और आरोहण करने वाली फसलें, लताएं आदि हैं, जिन के द्वारा तुम अंतरिक्ष के प्राणियों का भरणपोषण करते हो, उस के दूध के समान सारयुक्त कर्म के द्वारा मित्र बाल और वृद्धि को प्राप्त होते हुए तुम सूर्य के राष्ट्र में सचेत रहो. (९)

EN English Translation

O men! Be alert in the nation of the sun, attaining friendly hair and growth through the work that you feed the creatures of space through which you feed the creatures of space, which you have, which are yours, the crops, creepers, etc. that are flowing, climbing and climbing. (9)

Mantra 13.1.10

यास्ते॒ विश॒स्तप॑सः संबभू॒वुर्व॒त्सं गा॑य॒त्रीमनु॒ ता इ॒हागुः॑ । तास्त्वा॑ विशन्तु॒ मन॑सा शि॒वेन॒ संमा॑ता व॒त्सो अ॒भ्येतु॒ रोहि॑तः ॥ (१०)

हि हिन्दी अनुवाद

जो प्रजाएं तपोबल से प्रकट हुई हैं, जो गायत्री रूप वत्सों के साथ यहां आई हैं, वे कल्याण करने वाले चित्त से तुम में रमें. इन का वत्स सूर्य तुम्हारे पास आए. (१०)

EN English Translation

The subjects who have appeared from Tapobal, who have come here with the Gayatri form vatsas, they are in you with the mind of welfare. The sun of these came to you. (10)

Mantra 13.1.11

ऊ॒र्ध्वो रोहि॑तो॒ अधि॒ नाके॑ अस्था॒द्विश्वा॑ रू॒पाणि॑ ज॒नय॒न्युवा॑ क॒विः । ति॒ग्मेना॒ग्निर्ज्योति॑षा॒ वि भा॑ति तृ॒तीये॑ चक्रे॒ रज॑सि प्रि॒याणि॑ ॥ (११)

हि हिन्दी अनुवाद

जब वे सूर्य ऊंचे हो कर स्वर्ग में प्रतिष्ठित होते हैं, तब वे सब रूपों को प्रकट करते हैं. उन सूर्य की ही तीक्ष्ण ज्योति से अग्नि ज्योति वाली है. वे तृतीय लोक अर्थात्‌ द्युलोक में इच्छित फलों को प्रकट करते हैं. (११)

EN English Translation

When those suns are elevated and established in heaven, they reveal all forms. Agni is light from the sharp light of those suns. They reveal the desired fruits in the third world i.e. Duloka. (11)

Mantra 13.1.12

स॒हस्र॑शृङ्गो वृष॒भो जा॒तवे॑दा घृ॒ताहु॑तः॒ सोम॑पृष्ठः सु॒वीरः॑ । मा मा॑ हासीन्नाथि॒तो नेत्त्वा॒ जहा॑नि गोपो॒षं च॑ मे वीरपो॒षं च॑ धेहि ॥ (१२)

हि हिन्दी अनुवाद

सहस्रो सींगों वाले, घृत के द्वारा बुलाए गए, इष्टों की पूर्ति करने वाले, सोम, पृष्ठ, सुवीर तथा जातवेद अग्नि मेरा त्याग न करें. वे अग्नि मुझे गायों तथा पुत्र, पौत्र आदि की पुष्टि में प्रतिष्ठित करें. (१२)

EN English Translation

Do not abandon me with sahasro horns, called by ghrit, those who fulfill the favored, Soma, Phara, Suveer and Jataveda agni. May those agnis establish me in the affirmation of cows and sons, grandsons etc. (12)

Mantra 13.1.13

रोहि॑तो य॒ज्ञस्य॑ जनि॒ता मुखं॑ च॒ रोहि॑ताय वा॒चा श्रोत्रे॑ण॒ मन॑सा जुहोमि । रोहि॑तं दे॒वा य॑न्ति सुमन॒स्यमा॑नाः॒ स मा॒ रोहैः॑ सामि॒त्यै रो॑हयतु ॥ (१३)

हि हिन्दी अनुवाद

सूर्य यज्ञ को प्रकट करने वाले तथा यज्ञ के मुख रूप हैं. वाणी, घोष और मन से मैं उन सूर्य के लिए आहुति देता हूं. सब देवता प्रसन्न होते हुए सूर्य के समीप जाते हैं. वे सूर्य मुझे संग्राम के लिए उन्नत बनाएं. (१३)

EN English Translation

The Sun is the manifestation of yajna and the face form of yajna. With speech, speech and mind, I sacrifice for those suns. All the gods go near the sun, being pleased. May those suns elevate me to Sangram. (13)

Mantra 13.1.14

रोहि॑तो य॒ज्ञं व्यदधाद्वि॒श्वक॑र्मणे॒ तस्मा॒त्तेजां॒स्युप॑ मे॒मान्यागुः॑ । वो॒चेयं॑ ते॒ नाभिं॒ भुव॑न॒स्याधि॑ म॒ज्मनि॑ ॥ (१४)

हि हिन्दी अनुवाद

सूर्य ने विश्वकर्मा के लिए यज्ञ का पोषण किया. उस यज्ञ के द्वारा मुझे वह तेज प्राप्त हो रहा है. मैं तुम्हारी नाभि को लोक की मज्जा पर स्वीकार करता हूं. (१४)

EN English Translation

Surya nurtured yajna for Vishwakarma. Through that yajna, I am getting that glory. I accept your navel on the marrow of the folk. (14)

Mantra 13.1.15

आ त्वा॑ रुरोह बृह॒त्यु॒त प॒ङ्क्तिरा क॒कुब्वर्च॑सा जातवेदः । आ त्वा॑ रुरोहोष्णिहाक्ष॒रो व॑षट्का॒र आ त्वा॑ रुरोह॒ रोहि॑तो॒ रेत॑सा स॒ह ॥ (१५)

हि हिन्दी अनुवाद

हे अग्नि! बृहती पंक्ति और ककुप छंदों ने तथा उष्णिहा अक्षरों ने तुम में प्रवेश किया है. वषट्कार भी तुम में प्रविष्ट हो गया है. सूर्य भी अपने तेज से तुम में प्रवेश करते हैं. (१५)

EN English Translation

O agni! The great line and the kakup verses and the letters ushniha have entered you. The shatakar has also entered you. The sun also enters you with its brightness. (15)

Mantra 13.1.16

अ॒यं व॑स्ते॒ गर्भं॑ पृथि॒व्या दिवं॑ वस्ते॒ऽयम॒न्तरि॑क्षम् । अ॒यं ब्र॒ध्नस्य॑ वि॒ष्टपि॒ स्वर्लो॒कान्व्यानशे ॥ (१६)

हि हिन्दी अनुवाद

सूर्य पृथ्वी के गर्भ को, आकाश और अंतरिक्ष को भी ढक लेते हैं. ये संपूर्ण संसार के प्रकाशक हैं और सभी स्वरों में व्याप्त होते हैं. (१६)

EN English Translation

The sun also covers the earth's womb, the sky and space. They are the illuminators of the whole world and pervade all tones. (16)

Mantra 13.1.17

वाच॑स्पते पृथि॒वी नः॑ स्यो॒ना स्यो॒ना योनि॒स्तल्पा॑ नः सु॒शेवा॑ । इ॒हैव प्रा॒णः स॒ख्ये नो॑ अस्तु॒ तं त्वा॑ परमेष्ठि॒न्पर्य॒ग्निरायु॑षा॒ वर्च॑सा दधातु ॥ (१७)

हि हिन्दी अनुवाद

हे वाचस्पति! हमारे लिए पृथ्वी, योनि और शय्या सुख देने वाली हों. प्राण हमारे लिए सुख देने वाला हो. हम दीर्घ जीवी हों हे परमेष्ठी! ये अग्नि देव हमें दीघार्यु और तेजस्वी बनाएं. (१७)

EN English Translation

O Vachaspati! For us, the earth, vagina and bed should be happy. May life give us happiness. May we be long-lived, O God! May this Agni God make us digharyu and stunning. (17)

Mantra 13.1.18

वाच॑स्पत ऋ॒तवः॒ पञ्च॒ ये नौ॑ वैश्वकर्म॒णाः परि॒ ये सं॑बभू॒वुः । इ॒हैव प्रा॒णः स॒ख्ये नो॑ अस्तु॒ तं त्वा॑ परमेष्ठि॒न्परि॒ रोहि॑त॒ आयु॑षा॒ वर्च॑सा दधातु ॥ (१८)

हि हिन्दी अनुवाद

हे वाचस्पति! हमारे कर्म के द्वारा जो पांच ऋतुएं उत्पन्न हुई हैं, उन में हमारा हमारा प्राण मित्र के भावों से स्थिर रहे. हे प्रजापति! सूर्य तुम्हें अपने तेज और आयु से धारण करे. (१८)

EN English Translation

O Vachaspati! In the five seasons that have been created by our karma, our soul should be fixed by the feelings of a friend. O Prajapati! May the sun hold you with its brightness and age. (18)

Mantra 13.1.19

वाच॑स्पते सौमन॒सं मन॑श्च गो॒ष्ठे नो॒ गा ज॒नय॒ योनि॑षु प्र॒जाः । इ॒हैव प्रा॒णः स॒ख्ये नो॑ अस्तु॒ तं त्वा॑ परमेष्ठि॒न्पर्य॒हमायु॑षा॒ वर्च॑सा दधामि ॥ (१९)

हि हिन्दी अनुवाद

हे वाचस्पति! हमारा मन प्रसन्न रहे. तुम हमारे गोष्ठ में गायों को प्रकट करो तथा हमारी पत्नियों में संतान को उत्पन्न करो. प्राण हमारे साथ मित्र भाव से रहे. मैं आयु और तेज से तुम्हें धारण करता हूं. (१९)

EN English Translation

O Vachaspati! May our mind be happy. You reveal cows in our seminar and produce children in our wives. Pran stayed with us in a friendly manner. I hold you by age and fast. (19)

Mantra 13.1.20

परि॑ त्वा धात्सवि॒ता दे॒वो अ॒ग्निर्वर्च॑सा मि॒त्रावरु॑णाव॒भि त्वा॑ । सर्वा॒ अरा॑तीरव॒क्राम॒न्नेही॒दं रा॒ष्ट्रम॑करः सु॒नृता॑वत् ॥ (२०)

हि हिन्दी अनुवाद

हे राजन्‌! सविता देव तुम्हें सभी ओर से पुष्ट करें. अग्नि, मित्र और वरुण तुम्हें पुष्ट बनाएं. तुम सभी शत्रुओं को वश में करते हुए इस राष्ट्र में आ कर सच्ची और प्रिय वाणी बोलो. (२०)

EN English Translation

O king! May Savita Dev strengthen you from all sides. Agni, Mitra and Varuna make you strong. Subdue all your enemies and come to this nation and speak true and loving speech. (20)

Mantra 13.1.21

यं त्वा॒ पृष॑ती॒ रथे॒ प्रष्टि॒र्वह॑ति रोहित । शु॒भा या॑सि रि॒णन्न॒पः ॥ (२१)

हि हिन्दी अनुवाद

हे सूर्य! हिरणियों का समूह तुम्हें रथ में धारण करता है. तुम जलों में चलते हुए कल्याण के निमित्त गति करते हो. (२१)

EN English Translation

O sun! A group of deer holds you in the chariot. You walk in the waters and move for welfare. (21)

Mantra 13.1.22

अनु॑व्रता॒ रोहि॑णी॒ रोहि॑तस्य सू॒रिः सु॒वर्णा॑ बृह॒ती सु॒वर्चाः॑ । तया॒ वाजा॑न्वि॒श्वरू॑पां जयेम॒ तया॒ विश्वाः॒ पृत॑ना अ॒भि ष्या॑म ॥ (२२)

हि हिन्दी अनुवाद

रोहिणी चढ़ते हुए से रोहित अर्थात्‌ लाल वर्ण के सूर्य का अनुगमन करने वाली है. सुंदर वर्ण वाली वह बृहती सुंदर तेज वाली है. उसी के कारण हम विभिन्न रूपों वाले प्राणियों पर विजय प्राप्त करते हैं. उसी के कारण हम सेनाओं को अपने वश में करें. (२२)

EN English Translation

Rohini is going to follow Rohit i.e. the red color sun from climbing. She is very beautiful with beautiful color. Because of that, we conquer creatures with different forms. Because of that, we should control the armies. (22)

Mantra 13.1.23

इ॒दं सदो॒ रोहि॑णी॒ रोहि॑तस्या॒सौ पन्थाः॒ पृष॑ती॒ येन॒ याति॑ । तां ग॑न्ध॒र्वाः क॒श्यपा॒ उन्न॑यन्ति॒ तां र॑क्षन्ति क॒वयोऽप्र॑मादम् ॥ (२३)

हि हिन्दी अनुवाद

यह रोहिणी और रोहित का धाम है, पृषती इसी मार्ग से गमन करती है. उसे गंधर्व ऊपर ले जाते हैं. चतुर व्यक्ति सावधानी से इस की रक्षा करते हैं. (२३)

EN English Translation

This is the abode of Rohini and Rohit, Prishati travels through this route. Gandharva takes him upstairs. Clever people carefully protect it. (23)

Mantra 13.1.24

सूर्य॒स्याश्वा॒ हर॑यः केतु॒मन्तः॒ सदा॑ वहन्त्य॒मृताः॑ सु॒खं रथ॑म् । घृ॑त॒पावा॒ रोहि॑तो॒ भ्राज॑मानो॒ दिवं॑ दे॒वः पृष॑ती॒मा वि॑वेश ॥ (२४)

हि हिन्दी अनुवाद

सूर्य के घोड़े वेगशाली और ज्ञान युक्त हैं. वे अमरत्व वाले रथ को सरलता से खीचते हैं. फल से संपन्न करने योग्य वे सूर्य पृषती के साथ स्वर्ग में प्रवेश करें. (२४)

EN English Translation

The horses of the sun are fast and knowledgeable. They pull the chariot of immortality easily. They should enter heaven with the sun's eye, which is endowed with fruits. (24)

Mantra 13.1.25

यो रोहि॑तो वृष॒भस्ति॒ग्मशृ॑ङ्गः॒ पर्य॒ग्निं परि॒ सूर्यं॑ ब॒भूव॑ । यो वि॑ष्ट॒भ्नाति॑ पृथि॒वीं दिवं॑ च॒ तस्मा॑द्दे॒वा अधि॒ सृष्टीः॑ सृजन्ते ॥ (२५)

हि हिन्दी अनुवाद

वे रोहित अर्थात्‌ लाल रंग के तथा अभीष्ट की वर्षा करने वाले हैं. वे तीक्ष्ण राशियों वाले हैं. जो अग्नि देव सूर्य, पृथ्वी और आकाश को स्थिर रखते हैं, देवता उन्हीं के बल से सृष्टि की रचना करते हैं. (२५)

EN English Translation

They are rohit i.e. red color and desired rain. They are sharp zodiac signs. The agni god who keeps the sun, earth and sky stable, the gods create the world with their strength. (25)

Mantra 13.1.26

रोहि॑तो॒ दिव॒मारु॑हन्मह॒तः पर्य॑र्ण॒वात् । सर्वो॑ रुरोह॒ रोहि॑तो॒ रुहः॑ ॥ (२६)

हि हिन्दी अनुवाद

वे सूर्य आकाश पर चढ़ते हैं तथा रोहणशील वस्तुओं पर भी चढ़ते हैं. (२६)

EN English Translation

They climb the sun and sky and also climb on the shining objects. (26)

Mantra 13.1.27

वि मि॑मीष्व॒ पय॑स्वतीं घृ॒ताचीं॑ दे॒वानां॑ धे॒नुरन॑पस्पृगे॒षा । इन्द्रः॒ सोमं॑ पिबतु॒ क्षेमो॑ अस्त्व॒ग्निः प्र स्तौ॑तु॒ वि मृधो॑ नुदस्व ॥ (२७)

हि हिन्दी अनुवाद

हे यजमान! तुम देवताओं की दुधारू और पूजनीय गौ का मान करने के कारण अन्यों को स्पर्श करने वाले अर्थात्‌ पराजित करने वाले हो. अग्नि तुम्हारा कुशलमंगल करें तथा इंद्र देव सोम रस का पान करें. इस के बाद तू शत्रुओं को युद्धस्थल से खदेड़ दे. (२७)

EN English Translation

O host! You are the one who touches others because of the milch and revered cow of the gods. May agni make you efficient and drink Indra Dev Som Rasa. After this, you drive the enemies out of the battlefield. (27)

Mantra 13.1.28

समि॑द्धो अ॒ग्निः स॑मिधा॒नो घृ॒तवृ॑द्धो घृ॒ताहु॑तः । अ॑भी॒षाड् वि॑श्वा॒षाड॒ग्निः स॒पत्ना॑न्हन्तु॒ ये मम॑ ॥ (२८)

हि हिन्दी अनुवाद

ये अग्ने प्रदीप्त हो कर घृत से प्रबुद्ध हुए हैं. इस में घृत की आहुति दी गई है. अग्नि देव शन्रुओं को पराजित करने वाले हैं. अतः वे मेरे शत्रुओं का संहार करें. (२८)

EN English Translation

These people have become illuminated and enlightened with ghee. In this, ghrit has been sacrificed. Agni Dev is going to defeat the shanrus. So let them kill my enemies. (28)

Mantra 13.1.29

हन्त्वे॑ना॒न्प्र द॑ह॒त्वरि॒र्यो नः॑ पृत॒न्यति॑ । क्र॒व्यादा॒ग्निना॑ व॒यं स॒पत्ना॒न्प्र द॑हामसि ॥ (२९)

हि हिन्दी अनुवाद

अग्नि देव उन सब शत्रुओं का संहार करें जो शत्रु सेना सहित आ कर हमें मारना चाहे, अग्नि देव उसे भस्म कर दें. (२९)

EN English Translation

Agni Dev should kill all those enemies who want to come and kill us with the enemy army, Agni Dev should consume him. (29)

Mantra 13.1.30

अ॑वा॒चीना॒नव॑ ज॒हीन्द्र॒ वज्रे॑ण बाहु॒मान् । अधा॑ स॒पत्ना॑न्माम॒कान॒ग्नेस्तेजो॑भि॒रादि॑षि ॥ (३०)

हि हिन्दी अनुवाद

हे शक्तिशाली भुजाओं वाले इंद्र! तुम हमारे शत्रुओं को मारो. हे अग्नि! तुम अपनी ज्वालाओं से उन्हें भस्म कर दो. (३०)

EN English Translation

O Indra with powerful arms! You kill our enemies. O agni! You consume them with your flames. (30)