क्या वेद पृथ्वी को समतल बताते हैं?
ऋग्वेद और शतपथ ब्राह्मण पृथ्वी को 'चार कोनों वाली' बताते हैं, इसलिए वेद समतल पृथ्वी का समर्थन करते हैं।
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ऋग्वेद और शतपथ ब्राह्मण पृथ्वी को 'चार कोनों वाली' बताते हैं, इसलिए वेद समतल पृथ्वी का समर्थन करते हैं।
ऋग्वेद में स्वयं इन्द्र कहते हैं कि वे बैलों (उक्षन्) का मांस खाते हैं। इसलिए यह दावा किया जाता है कि वैदिक धर्म में गौमांस-भक्षण स्वीकार्य था।
कुछ विधर्मियों तथा सनातन विरोधियों द्वारा सनातन धर्म पर यह लांछन लगाया जाता है कि इनके धर्म में तो देवी - देवता ही 33 करोड़ हैं, फिर उनके मंदिर, नाम और पूजा पद्धति क्या-क्या है, इन्हें खुद नहीं पता...! चलिए आज इस तथ्य की सत्यता और अस्पष्टता से पर्दा हटाते हैं।
Idol worship is a later corruption. Original Vedic Hinduism was purely philosophical — no temples, no mūrtis, no physical worship.