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10.10.13
ब॒तो ब॑तासि यम॒ नैव ते॒ मनो॒ हृद॑यं चाविदाम । अ॒न्या किल॒ त्वां क॒क्ष्ये॑व यु॒क्तं परि॑ ष्वजाते॒ लिबु॑जेव वृ॒क्षम् ॥ (१३)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.10.13 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
यमी बोली- मुझे खेद है कि तुम बहुत कमजोर हो. मैं तुम्हारे मन को नहीं समझ पा रही हूं. रस्सी जिस प्रकार घोड़े को बांधती है और लता जिस प्रकार वृक्ष से लिपट जाती है, उसी प्रकार अन्य स्त्री तुम्हारा आलिंगन करती है. (१३)
EN English Translation
Yami said- I'm sorry you're so weak. I don't understand your mind. Just as the rope binds the horse and the creeper is wrapped around the tree, the other woman hugs you. (13)