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10.103.1
आ॒शुः शिशा॑नो वृष॒भो न भी॒मो घ॑नाघ॒नः क्षोभ॑णश्चर्षणी॒नाम् । सं॒क्रन्द॑नोऽनिमि॒ष ए॑कवी॒रः श॒तं सेना॑ अजयत्सा॒कमिन्द्रः॑ ॥ (१)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.103.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
इंद्र व्यापक शत्रुनाशक बैल के समान भयानक शत्रुघातक एवं मानवों को क्षुब्ध करने वाले हैं. वे शत्रुओं को रुलाने वाले व निमेषरहित चक्षु वाले हैं. उन्होंने अकेले ही सैकड़ों सेनाओं को जीता है. (१)
EN English Translation
Indra is like a fierce bull, who is a enemy killer and perturb men. He make the enemies cry without blinking his eyes. He alone has won hundreds of armies. (1)