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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 109 • Mantra / Rik 2

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 109 • ऋचा / मन्त्र 2

10.109.2

Mantra ID: 10.109.2

सोमो॒ राजा॑ प्रथ॒मो ब्र॑ह्मजा॒यां पुनः॒ प्राय॑च्छ॒दहृ॑णीयमानः । अ॒न्व॒र्ति॒ता वरु॑णो मि॒त्र आ॑सीद॒ग्निर्होता॑ हस्त॒गृह्या नि॑नाय ॥ (२)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.109.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

राजा सोम ने लज्जा का त्याग करके बृहस्पतिपत्नी जुहू को सबसे पहले उसे दिया. मित्र और वरुण इस में मध्यस्थ बने. देवों को बुलाने वाले अग्नि उसे हाथ पकड़कर लाए. (२)

EN English Translation

King Som renounced the shame and gave jupiter's wife Juhu to him first. Mitra and Varun became the mediators in this. The agni that called the gods brought him by holding hands. (2)

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