Rigveda Quick Jump
Navigate to any Mandal or Mantra / Rik
10.112.3
हरि॑त्वता॒ वर्च॑सा॒ सूर्य॑स्य॒ श्रेष्ठै॑ रू॒पैस्त॒न्वं॑ स्पर्शयस्व । अ॒स्माभि॑रिन्द्र॒ सखि॑भिर्हुवा॒नः स॑ध्रीची॒नो मा॑दयस्वा नि॒षद्य॑ ॥ (३)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 10.112.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे इंद्र! हरे रंग के तेज और सूर्य के श्रेष्ठरूपों द्वारा तुम अपने शरीर को विभूषित करो. हम मित्रों द्वारा बुलाए जाने पर तुम हमारे साथ मिलकर बैठो और आनंदित बनो. (३)
EN English Translation
O Indra! You adorn your body by the green rays and the superior forms of the sun. When we are called by friends, you sit with us and be joyful. (3)