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10.113.7
या वी॒र्या॑णि प्रथ॒मानि॒ कर्त्वा॑ महि॒त्वेभि॒र्यत॑मानौ समी॒यतुः॑ । ध्वा॒न्तं तमोऽव॑ दध्वसे ह॒त इन्द्रो॑ म॒ह्ना पू॒र्वहू॑तावपत्यत ॥ (७)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.113.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
अपनी महान् शक्ति से युद्ध करने वाले इंद्र और वृत्र ने प्रथम करने योग्य जो वीरताएं प्रदर्शित कीं, उनके द्वारा वृत्र के मारे जाने पर घना अंधकार नष्ट हो गया. इंद्र अपनी महिमा से वीरों की गणना में सबसे पहले गिने जाते हैं. (७)
EN English Translation
The deep darkness was destroyed when Vritra was killed by Indra and Vritra, who fought with their great power, the heroisms displayed first. Indra is counted first in the reckoning of heroes by his glory. (7)