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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 119 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 119 • ऋचा / मन्त्र 6

10.119.6

Mantra ID: 10.119.6

न॒हि मे॑ अक्षि॒पच्च॒नाच्छा॑न्त्सुः॒ पञ्च॑ कृ॒ष्टयः॑ । कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑ ॥ (६)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.119.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

पंचजन मेरे दृष्टिपात से बच नहीं सकते. मैं अनेक बार सोमपान कर चुका हूं. (६)

EN English Translation

Panchjans can't escape my sight. I've been to sompan several times. (6)

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