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10.124.8
ता अ॑स्य॒ ज्येष्ठ॑मिन्द्रि॒यं स॑चन्ते॒ ता ई॒मा क्षे॑ति स्व॒धया॒ मद॑न्तीः । ता ईं॒ विशो॒ न राजा॑नं वृणा॒ना बी॑भ॒त्सुवो॒ अप॑ वृ॒त्राद॑तिष्ठन् ॥ (८)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.124.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
जल वरुण के अत्यंत विशाल तेज को धारण करते हैं एवं अन्न पाकर प्रसन्न होते हैं. वरुण पत्नी के समान उन जलों के पास आते हैं. जिस प्रकार प्रजा राजा र पास जाती है, उसी प्रकार जल भयभीत होकर वृत्र के पास से वरुण के पास जाकर ठहरते हैं. (८)
EN English Translation
The water holds the very huge brightness of Varuna and is happy to get food. Varun comes to those waters like his wife. Just as the people go to the king, so the water is frightened and stay with Varuna from the vritra. (8)