Rigveda Quick Jump
Navigate to any Mandal or Mantra / Rik
10.151.3
यथा॑ दे॒वा असु॑रेषु श्र॒द्धामु॒ग्रेषु॑ चक्रि॒रे । ए॒वं भो॒जेषु॒ यज्व॑स्व॒स्माक॑मुदि॒तं कृ॑धि ॥ (३)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 10.151.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे श्रद्धा! देवों ने असुरों के विषय में हत्या का निश्चय किया. तुम मेरे भक्तों और यज्ञकर्ताओं को मनचाहा फल दो. (३)
EN English Translation
Oh, faith! The devas decided to kill the asuras. Give my devotees and yagyakars the desired fruits. (3)