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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 16 • Mantra / Rik 1

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 16 • ऋचा / मन्त्र 1

10.16.1

Mantra ID: 10.16.1

मैन॑मग्ने॒ वि द॑हो॒ माभि शो॑चो॒ मास्य॒ त्वचं॑ चिक्षिपो॒ मा शरी॑रम् । य॒दा श‍ृ॒तं कृ॒णवो॑ जातवे॒दोऽथे॑मेनं॒ प्र हि॑णुतात्पि॒तृभ्यः॑ ॥ (१)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.16.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! इस मरे हुए व्यक्ति को पूरी तरह मत जलाओ. इसे कष्ट मत पहुंचाओ. इसके चमड़े और शरीर को इधर-उधर मत बिखेरो. हे जातवेद अग्नि! जब तुम इसे पका चुको, तभी इसे पितरों के पास भेज देना. (१)

EN English Translation

O agni! Don't burn this dead person completely. Don't make it painful. Don't scatter its skin and body around. O Jativeda Agni! Send it to the fathers only when you cook it. (1)

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