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10.16.1
मैन॑मग्ने॒ वि द॑हो॒ माभि शो॑चो॒ मास्य॒ त्वचं॑ चिक्षिपो॒ मा शरी॑रम् । य॒दा शृ॒तं कृ॒णवो॑ जातवे॒दोऽथे॑मेनं॒ प्र हि॑णुतात्पि॒तृभ्यः॑ ॥ (१)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.16.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अग्नि! इस मरे हुए व्यक्ति को पूरी तरह मत जलाओ. इसे कष्ट मत पहुंचाओ. इसके चमड़े और शरीर को इधर-उधर मत बिखेरो. हे जातवेद अग्नि! जब तुम इसे पका चुको, तभी इसे पितरों के पास भेज देना. (१)
EN English Translation
O agni! Don't burn this dead person completely. Don't make it painful. Don't scatter its skin and body around. O Jativeda Agni! Send it to the fathers only when you cook it. (1)