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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 16 • Mantra / Rik 7

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 16 • ऋचा / मन्त्र 7

10.16.7

Mantra ID: 10.16.7

अ॒ग्नेर्वर्म॒ परि॒ गोभि॑र्व्ययस्व॒ सं प्रोर्णु॑ष्व॒ पीव॑सा॒ मेद॑सा च । नेत्त्वा॑ धृ॒ष्णुर्हर॑सा॒ जर्हृ॑षाणो द॒धृग्वि॑ध॒क्ष्यन्प॑र्य॒ङ्खया॑ते ॥ (७)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.16.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे प्रेत! तुम गाय के चमड़े के साथ-साथ आग की लपटरूपी कवच को पहनो. तुम चर्बी और मांस से ढक जाओ. ऐसा होने पर अपने तेज से तुम्हें पराभूत करने वाले एवं अत्यंत प्रसन्न अनने तुम्हें नहीं जलावेंगे. वे तुम्हें विशेष रूप से जलाने को तैयार हैं. (७)

EN English Translation

O ghost! You wear cow's leather as well as flame-like armor. You get covered with fat and meat. When this happens, those who defeat you with their glory and are very happy will not burn you. They are especially willing to kindle you. (7)

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