Rigveda Quick Jump
Navigate to any Mandal or Mantra / Rik
10.16.9
क्र॒व्याद॑म॒ग्निं प्र हि॑णोमि दू॒रं य॒मरा॑ज्ञो गच्छतु रिप्रवा॒हः । इ॒हैवायमित॑रो जा॒तवे॑दा दे॒वेभ्यो॑ ह॒व्यं व॑हतु प्रजा॒नन् ॥ (९)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 10.16.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
मैं मांस जलाने वाली तेज आग को दूर करता हूं. पाप को ढोने वाली वह आग यम के देश में जावे. यहां ही ये दूसरे अग्नि हैं, ऐसा जानते हुए हम देवों के लिए हव्य ले जाते हैं. (९)
EN English Translation
I remove the burning agni of meat. Let the agni that carries the sin go into the land of Yama. Knowing that these are the second agnis here, we take the vows for the gods. (9)