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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 179 • Mantra / Rik 1

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 179 • ऋचा / मन्त्र 1

10.179.1

Mantra ID: 10.179.1

उत्ति॑ष्ठ॒ताव॑ पश्य॒तेन्द्र॑स्य भा॒गमृ॒त्विय॑म् । यदि॑ श्रा॒तो जु॒होत॑न॒ यद्यश्रा॑तो मम॒त्तन॑ ॥ (१)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.179.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे ऋत्विजो! उठो एवं इंद्र के ऋतु अनुकूल भाग के लिए प्रयत्न करो. इंद्र का भाग यदि पक चुका है तो उसका होम करो और यदि वह नहीं पका है तो उसे पकाओ. (१)

EN English Translation

Hey Ritvijo! Get up and try for the season-friendly part of Indra. If Indra's part is cooked, then do his home and if it is not cooked, cook it. (1)

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