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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 20 • Mantra / Rik 1

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 20 • ऋचा / मन्त्र 1

10.20.1

Mantra ID: 10.20.1

भ॒द्रं नो॒ अपि॑ वातय॒ मनः॑ ॥ (१)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.20.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! तुम मेरे मन को कल्याण के योग्य बनाओ. (१)

EN English Translation

O agni! You make my mind worthy of well-being. (1)

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