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10.22.1
कुह॑ श्रु॒त इन्द्रः॒ कस्मि॑न्न॒द्य जने॑ मि॒त्रो न श्रू॑यते । ऋषी॑णां वा॒ यः क्षये॒ गुहा॑ वा॒ चर्कृ॑षे गि॒रा ॥ (१)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.22.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
इंद्र आज कहां प्रसिद्ध हैं? आज वे मित्र के समान किस व्यक्ति के पास सुने जाते हैं? क्या इंद्र की स्तुतियां ऋषियों के निवासस्थानों अथवा गुफाओं में की जाती हैं? (१)
EN English Translation
Where is Indra famous today? Today, they are heard near which person like a friend? Are Indra praised in the abodes or caves of the sages? (1)