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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 22 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 22 • ऋचा / मन्त्र 9

10.22.9

Mantra ID: 10.22.9

त्वं न॑ इन्द्र शूर॒ शूरै॑रु॒त त्वोता॑सो ब॒र्हणा॑ । पु॒रु॒त्रा ते॒ वि पू॒र्तयो॒ नव॑न्त क्षो॒णयो॑ यथा ॥ (९)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.22.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शूर इंद्र! तुम शूर मरुतों के साथ हमारी रक्षा करो. तुम्हारे द्वारा रक्षित हम शत्रुविनाश में समर्थ बनें. तुम्हारे दिए हुए अभिलषित पदार्थ स्तोता को इस प्रकार घेरते हैं, जिस प्रकार सेवक अपने स्वामी को घेरते हैं. (९)

EN English Translation

O Shur Indra! You protect us with the shuruta maruts. Protected by you, let us be able to destroy the enemy. The anointed substances you give surround the psalms in such a way that the servants surround their master. (9)

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