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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 27 • Mantra / Rik 16

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 27 • ऋचा / मन्त्र 16

10.27.16

Mantra ID: 10.27.16

द॒शा॒नामेकं॑ कपि॒लं स॑मा॒नं तं हि॑न्वन्ति॒ क्रत॑वे॒ पार्या॑य । गर्भं॑ मा॒ता सुधि॑तं व॒क्षणा॒स्ववे॑नन्तं तु॒षय॑न्ती बिभर्ति ॥ (१६)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.27.16 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

अंगिरा आदि दस ऋषियों में प्रजापति के समान कपिल को यज्ञ पूर्ण करने की प्रेरणा दी गई. संतुष्ट होकर प्रकृति माता ने प्रजापति द्वारा स्थापित गर्भ धारण किया. (१६)

EN English Translation

Among the ten sages like Prajapati, Kapila was inspired to complete the yagna. Satisfied, Mother Nature conceived the one established by Prajapati. (16)

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