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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 33 • Mantra / Rik 8

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 33 • ऋचा / मन्त्र 8

10.33.8

Mantra ID: 10.33.8

यदीशी॑या॒मृता॑नामु॒त वा॒ मर्त्या॑नाम् । जीवे॒दिन्म॒घवा॒ मम॑ ॥ (८)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.33.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

यदि मैं मरणरहित देवों और मरणशील मानवों का स्वामी होता तो मुझे धन देने वाले अर्थात्‌ तुम्हारे पिता जीवित रहते. (८)

EN English Translation

If I were the master of the godless and the mortals, those who gave me wealth, that is, your father, would have survived. (8)

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