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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 63 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 63 • ऋचा / मन्त्र 3

10.63.3

Mantra ID: 10.63.3

येभ्यो॑ मा॒ता मधु॑म॒त्पिन्व॑ते॒ पयः॑ पी॒यूषं॒ द्यौरदि॑ति॒रद्रि॑बर्हाः । उ॒क्थशु॑ष्मान्वृषभ॒रान्स्वप्न॑स॒स्ताँ आ॑दि॒त्याँ अनु॑ मदा स्व॒स्तये॑ ॥ (३)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.63.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

पृथ्वी माता जिन देवों के लिए मधुर दूध बहाती है और अदीन तथा बादलों से घिरा हुआ आकाश जिनके लिए अमृत धारण करता है, उन प्रशंसनीय शक्ति वाले, वर्षा करने वाले, शोभन कर्म वाले एवं अदितिपुत्र देवों के लिए स्तुति करो. (३)

EN English Translation

Praise the gods for whom Mother Earth pours out sweet milk and for the deities for whom Adin and the cloud-riddled sky holds nectar, those with admirable power, the rainers, the doers of adornment and the sons of Aditi. (3)

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