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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 75 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 75 • ऋचा / मन्त्र 6

10.75.6

Mantra ID: 10.75.6

तृ॒ष्टाम॑या प्रथ॒मं यात॑वे स॒जूः सु॒सर्त्वा॑ र॒सया॑ श्वे॒त्या त्या । त्वं सि॑न्धो॒ कुभ॑या गोम॒तीं क्रुमुं॑ मेह॒त्न्वा स॒रथं॒ याभि॒रीय॑से ॥ (६)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.75.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सिंधु! तुम तेज बहने वाली गोमती नदी के समीप जाने के लिए पहले तुष्टामा नद से मिली. बाद में तुम सुसर्तु, रसा, श्वैती, क्रमु, कुभा और मेहत्नु से मिलकर आगे बढ़ी. तुम इन नदियों के साथ बहती हो. (६)

EN English Translation

O Sindhu! You met the first Tushtama river to go near the fast-flowing Gomti river. Later you went ahead with Susartu, Rasa, Shweeti, Kramu, Kubha and Mehatnu. You flow along these rivers. (6)

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