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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 75 • Mantra / Rik 8

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 75 • ऋचा / मन्त्र 8

10.75.8

Mantra ID: 10.75.8

स्वश्वा॒ सिन्धुः॑ सु॒रथा॑ सु॒वासा॑ हिर॒ण्ययी॒ सुकृ॑ता वा॒जिनी॑वती । ऊर्णा॑वती युव॒तिः सी॒लमा॑वत्यु॒ताधि॑ वस्ते सु॒भगा॑ मधु॒वृध॑म् ॥ (८)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.75.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

शोभन अश्चों, शोभन रथों एवं शोभन वस्त्रों से युक्त, सुनहरे रंग वाली, भली प्रकार सजी हुई, अन्न एवं ऊन से युक्त, सरकंडों वाली तथा सौभाग्ययुक्त सिंधु मधु बढ़ाने वाले फूलों से ढकी रहती है. (८)

EN English Translation

Adorned with adornments, shobhan chariots and shobhan garments, golden-coloured, well-decorated, full of food and wool, a scurvy and fortunate Indus is covered with honey-enhancing flowers. (8)

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