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10.84.7
संसृ॑ष्टं॒ धन॑मु॒भयं॑ स॒माकृ॑तम॒स्मभ्यं॑ दत्तां॒ वरु॑णश्च म॒न्युः । भियं॒ दधा॑ना॒ हृद॑येषु॒ शत्र॑वः॒ परा॑जितासो॒ अप॒ नि ल॑यन्ताम् ॥ (७)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.84.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
वरुण और मन्यु दोनों ही हमें भली प्रकार लाया हुआ एवं विभक्त न होने वाला अन्न दें. हमारे शत्रु अपने मन में भयभीत एवं पराजित होकर भाग जावें. (७)
EN English Translation
Both Varuna and Manu give us well-brought and non-dividing food. May our enemies flee in fear and defeat in their minds. (7)