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10.85.40
सोमः॑ प्रथ॒मो वि॑विदे गन्ध॒र्वो वि॑विद॒ उत्त॑रः । तृ॒तीयो॑ अ॒ग्निष्टे॒ पति॑स्तु॒रीय॑स्ते मनुष्य॒जाः ॥ (४०)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.85.40 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे कन्या! सबसे पहले सोम ने तुम्हें पत्नीरूप में प्राप्त किया. इसके बाद तुम्हें गंधर्व ने प्राप्त किया. तेरा तीसरा पति अग्नि और चौथा मानव है. (४०)
EN English Translation
Oh, Virgo! First mon received you as a wife. After this you were received by Gandharva. Your third husband is Agni and the fourth is human. (40)