Rigveda Quick Jump
Navigate to any Mandal or Mantra / Rik
10.96.11
आ रोद॑सी॒ हर्य॑माणो महि॒त्वा नव्यं॑नव्यं हर्यसि॒ मन्म॒ नु प्रि॒यम् । प्र प॒स्त्य॑मसुर हर्य॒तं गोरा॒विष्कृ॑धि॒ हर॑ये॒ सूर्या॑य ॥ (११)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 10.96.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अभिलाषायुक्त इंद्र! तुम अपने महत्त्व से द्यावा-पृथिवी को पूर्ण करते हो एवं अत्यंत नवीन तथा प्रिय स्तोत्रों की कामना करते हो. हे शक्तिशाली इंद्र! गायों के सुंदर स्थान को जल हरण करने वाले सूर्य के लिए प्रकट करो. (११)
EN English Translation
O desireful Indra! You fulfill the earth with your importance and wish for very new and beloved hymns. O mighty Indra! Reveal the beautiful place of cows to the water-wracking sun. (11)