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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 98 • Mantra / Rik 1

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 98 • ऋचा / मन्त्र 1

10.98.1

Mantra ID: 10.98.1

बृह॑स्पते॒ प्रति॑ मे दे॒वता॑मिहि मि॒त्रो वा॒ यद्वरु॑णो॒ वासि॑ पू॒षा । आ॒दि॒त्यैर्वा॒ यद्वसु॑भिर्म॒रुत्वा॒न्स प॒र्जन्यं॒ शंत॑नवे वृषाय ॥ (१)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.98.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे बृहस्पति! तुम मेरे कल्याण के लिए सब देवों के पास जाओ. तुम मित्र, वरुण, पूषा, आदित्यों तथा वसुओं के साथ इंद्र हो. तुम राजा शंतनु के लिए जल बरसाओ. (१)

EN English Translation

O Jupiter! You go to all the gods for my welfare. You are Indra with friends, Varuna, Pusha, Adityas and Vasus. You rain water for King Shantanu. (1)

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