Popular:
ऋग्वेद

Mandal 3 • Sukta 16 • Mantra / Rik 5

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 3 • सूक्त 16 • ऋचा / मन्त्र 5

3.16.5

Mantra ID: 3.16.5

मा नो॑ अ॒ग्नेऽम॑तये॒ मावीर॑तायै रीरधः । मागोता॑यै सहसस्पुत्र॒ मा नि॒देऽप॒ द्वेषां॒स्या कृ॑धि ॥ (५)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 3.16.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे बल के पुत्र अग्नि! हमें शत्रुरूप दरिद्रता, कायरता, पशुहीनता एवं निंदा के योग्य मत करना. हमारे प्रति द्वेष की भावना समाप्त करो. (५)

EN English Translation

O son of strength, agni! Don't make us hostilely worthy of poverty, cowardice, animallessness and slander. End the feeling of malice towards us. (5)

卐 HinduText AI