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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 104 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 104 • ऋचा / मन्त्र 6

9.104.6

Mantra ID: 9.104.6

सने॑मि कृ॒ध्य१॒॑स्मदा र॒क्षसं॒ कं चि॑द॒त्रिण॑म् । अपादे॑वं द्व॒युमंहो॑ युयोधि नः ॥ (६)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.104.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! तुम हमारे साथ पुरानी मित्रता निभाओ. तुम अधिक खाने वाले, नम्रतारहित एवं बाहरी-भीतरी माया वाले राक्षस को मारो और हमारे पापों से युद्ध करो. (६)

EN English Translation

Hey Mon! You make an old friendship with us. You kill the demon of over-eating, uneekly, and external-inner maya, and fight our sins. (6)

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