Rigveda Quick Jump
Navigate to any Mandal or Mantra / Rik
9.106.4
प्र ध॑न्वा सोम॒ जागृ॑वि॒रिन्द्रा॑येन्दो॒ परि॑ स्रव । द्यु॒मन्तं॒ शुष्म॒मा भ॑रा स्व॒र्विद॑म् ॥ (४)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 9.106.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे जागने वाले सोम! तुम टपको. हे सोम! तुम इंद्र के लिए रस नीचे गिराओ तथा दीप्तिशाली एवं सबको जानने वाला बल हमें दो. (४)
EN English Translation
O awake Mon! You tap. Hey Mon! You drop the juice down for Indra and give us the bright and knowing force of all. (4)