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9.108.11
ए॒तमु॒ त्यं म॑द॒च्युतं॑ स॒हस्र॑धारं वृष॒भं दिवो॑ दुहुः । विश्वा॒ वसू॑नि॒ बिभ्र॑तम् ॥ (११)
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ऋग्वेद मन्त्र 9.108.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
ऋत्विज् मादकता टपकाने वाले, हजार धाराओं से युक्त, अभिलाषापूरक एवं सभी धन धारण करने वाले सोम का दोहन करते हैं. (११)
EN English Translation
The ritwij exploits the drug-dripping, with a thousand streams, full of desire and all the wealth-holding mons. (11)