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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 108 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 108 • ऋचा / मन्त्र 6

9.108.6

Mantra ID: 9.108.6

य उ॒स्रिया॒ अप्या॑ अ॒न्तरश्म॑नो॒ निर्गा अकृ॑न्त॒दोज॑सा । अ॒भि व्र॒जं त॑त्निषे॒ गव्य॒मश्व्यं॑ व॒र्मीव॑ धृष्ण॒वा रु॑ज ॥ (६)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.108.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जिन सोम ने गतिशील अंतरिक्ष में स्थित मेघ से अपनी शक्ति द्वारा वर्षा कराई थी, वे ही सोम गायों और घोड़ों के समूह को सब जगह फैलाते हैं. हे शत्रुपराभवकारी सोम! तुम कवचधारी योद्धा के समान असुरों को मारो. (६)

EN English Translation

The mons who rained by their power from the cloud located in the dynamic space, they spread the group of som cows and horses everywhere. O enemy defeater Mon! You kill the asuras like the armored warrior. (6)

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