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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 12 • Mantra / Rik 2

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 12 • ऋचा / मन्त्र 2

9.12.2

Mantra ID: 9.12.2

अ॒भि विप्रा॑ अनूषत॒ गावो॑ व॒त्सं न मा॒तरः॑ । इन्द्रं॒ सोम॑स्य पी॒तये॑ ॥ (२)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.12.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

गाएं जिस प्रकार दूध पीने के लिए बछड़ों को बुलाती हैं, उसी प्रकार मेधावी यजमान सोम पीने के लिए इंद्र को बुलाते हैं. (२)

EN English Translation

Just as the cows call the calves to drink milk, the talented host calls Indra to drink soma. (2)

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