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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 14 • Mantra / Rik 4

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 14 • ऋचा / मन्त्र 4

9.14.4

Mantra ID: 9.14.4

नि॒रि॒णा॒नो वि धा॑वति॒ जह॒च्छर्या॑णि॒ तान्वा॑ । अत्रा॒ सं जि॑घ्नते यु॒जा ॥ (४)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.14.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

भेड़ के बालों से बने दशापवित्र से निकलकर सोम नीचे टपकता है एवं इस यज्ञ में अपने मित्र इंद्र से मिलता है. (४)

EN English Translation

After coming out of the dashapavitra made of sheep's hair, Som drips down and meets his friend Indra in this yagna. (4)

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