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9.14.8
परि॑ दि॒व्यानि॒ मर्मृ॑श॒द्विश्वा॑नि सोम॒ पार्थि॑वा । वसू॑नि याह्यस्म॒युः ॥ (८)
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ऋग्वेद मन्त्र 9.14.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे सोम! तुम स्वर्गीय एवं पार्थिव सभी प्रकार के धनों का स्पर्श करते हुए हमारे अभिलाषी बनकर आओ. (८)
EN English Translation
Hey Mon! You come as our desires, touching all kinds of wealth, heavenly and earthly. (8)