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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 18 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 18 • ऋचा / मन्त्र 6

9.18.6

Mantra ID: 9.18.6

परि॒ यो रोद॑सी उ॒भे स॒द्यो वाजे॑भि॒रर्ष॑ति । मदे॑षु सर्व॒धा अ॑सि ॥ (६)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.18.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सोम शीघ्र ही अन्नों द्वारा द्यावा-पृथिवी को ढक देते हैं. सोम सभी नशीले पदार्थो के धारक हैं. (६)

EN English Translation

The som soon covers the dyava-prithvi with grains. Mon is the holder of all drugs. (6)

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