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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 25 • Mantra / Rik 1

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 25 • ऋचा / मन्त्र 1

9.25.1

Mantra ID: 9.25.1

पव॑स्व दक्ष॒साध॑नो दे॒वेभ्यः॑ पी॒तये॑ हरे । म॒रुद्भ्यो॑ वा॒यवे॒ मदः॑ ॥ (१)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.25.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे हरितवर्ण, बल के साधक एवं नशीले सोम! तुम मरुतों, वायु एवं अन्य देवों के पीने के लिए टपको. (१)

EN English Translation

O greenish- varna, seeker of force and intoxicating mon! You tap for the maruts, the air and other gods to drink. (1)

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