Popular:
ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 3 • Mantra / Rik 5

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 3 • ऋचा / मन्त्र 5

9.3.5

Mantra ID: 9.3.5

ए॒ष दे॒वो र॑थर्यति॒ पव॑मानो दशस्यति । आ॒विष्कृ॑णोति वग्व॒नुम् ॥ (५)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 9.3.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

टपकते हुए सोमदेव हमारे यज्ञ में आने के लिए रथ चाहते हैं, हमारी अभिलाषाएं पूरी करते हैं एवं शब्द प्रकट करते हैं. (५)

EN English Translation

Dripping Somdev wants a chariot to come to our yagna, fulfills our desires and expresses words. (5)

卐 HinduText AI