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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 38 • Mantra / Rik 4

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 38 • ऋचा / मन्त्र 4

9.38.4

Mantra ID: 9.38.4

ए॒ष स्य मानु॑षी॒ष्वा श्ये॒नो न वि॒क्षु सी॑दति । गच्छ॑ञ्जा॒रो न यो॒षित॑म् ॥ (४)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.38.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

ये सोम मानवप्रजाओं में बाज पक्षी के समान बैठते हैं. जैसे कोई यार अपनी प्रेयसी के पास चुपचाप जाता है, उसी प्रकार सोम करते हैं. (४)

EN English Translation

These somas sit like hawk birds in human species. Just like a man goes quietly to his beloved, so does Som. (4)

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