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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 40 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 40 • ऋचा / मन्त्र 3

9.40.3

Mantra ID: 9.40.3

नू नो॑ र॒यिं म॒हामि॑न्दो॒ऽस्मभ्यं॑ सोम वि॒श्वतः॑ । आ प॑वस्व सह॒स्रिण॑म् ॥ (३)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.40.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे निचुड़े हुए सोम! तुम चारों ओर से हमारे लिए अगणित एवं महान्‌ धन लाओ. (३)

EN English Translation

O unsettled Mon! Bring us countless and great wealth from all around. (3)

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