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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 52 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 52 • ऋचा / मन्त्र 3

9.52.3

Mantra ID: 9.52.3

च॒रुर्न यस्तमी॑ङ्ख॒येन्दो॒ न दान॑मीङ्खय । व॒धैर्व॑धस्नवीङ्खय ॥ (३)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.52.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम हमें चरु के समान पूर्ण भोजन दो. हे दीप्तिशाली सोम! हमें देने योग्य वस्तु दो. हे चोट खाकर बहने वाले सोम! तुम पत्थरों के प्रहरों से रस टपकाओ. (३)

EN English Translation

O Mon give us the same full meal as charu. O radiant Mon! Give us a thing worth giving. O injury-blowing Mon! You pour the juice from the senths of stones. (3)

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